*जागतिक साहित्य कला व्यक्तित्व विकास मंचच्या सन्मा सदस्या ज्येष्ठ लेखिका कवयित्री अरुणा दुद्दलवार लिखित अप्रतिम काव्यरचना*
*योगीराज श्री संत गजानन महाराज शेगावीचे*
शेगावीचा राणा | संत गजानन |
नगरी पावन | शेगाव ती ||१
भक्त सान थोर | दर्शनाला येती|
चिंतामुक्त होती | कृपादृष्टी ||२
अन्नाचे महत्त्व | पटविले जगी |
शेगावीचा योगी | दिगंबर ||३
भाव ठेवा मनी |दृढ ठेवा श्रद्धा |
सरेल आपदा | शरणांती ||४
लीला अनंतची |भक्तांच्या कारणे |
नाहीच मागणे |अन्य काही ||५
तन मन बुध्दी | निवारता व्याधी |
शेगावी उपाधी |योगीराज ||६
भाव धरा मनी | करी रे करुणा |
विनवी अरुणा | कृपानिधे | |७
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अरुणा दुद्दलवार@✍️
