*जागतिक साहित्य कला व्यक्तित्व विकास मंचके सन्मा.सदस्य कवी चंद्रशेखर कासार लिखित बेहतरीन कविता*
*याद रखना*
भुलना नही
कल किसी और का था
जो बीत गया
याद रखना
आज तुम्हारा है
मजे मे जी लो
आनेवाले दिन
किसी और के रहेंगे
फिर सिर्फ पछतावा रहेगा
उन्हे देखकर तुम्हे
अपने कल की यादें
सताने लगेगी
जो अंधेरोंसे घिरी होगी
याद रखना
आज जो तुम्हारे साथ हैं
वे तुम्हारे अपने है
उनसे मिलजुल कर
हसते खेलते रहना
खुशिया बाटना
क्या पता
कल साथ हो ना हो
याद रखना
ये तनहाई जुदाई गम
दुख कल के साथी है
आज मौज मस्ती
खुशी के दिन है
अपने अपने हिसाबसे
जी लो
संकट के बादल तो
आते जाते रहते है
वक्त के साथ चलना है
तो खुशी के सागर मे
डुबकी लगा लो
कवी :-
*चंद्रशेखर प्रभाकर कासार*
*चांदवडकर, धुळे.*
७४८८३१८५४३.
