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पैसा…

*जागतिक साहित्य कला व्यक्तित्व विकास मंचच्या सन्मा सदस्या ज्येष्ठ लेखिका कवयित्री अरुणा दुद्दलवार लिखित अभंग*

 

*पैसा….*

 

पैसा पैसा पैसा | वेडावतो जीव|

करावी ती कीव | लोभी जन ||१

 

व्यवहारी आहे |पैशाचे महत्व |

संपत्तीचे तत्व | ध्यानी धरा ||२

 

पैसे मिळवण्या | नको तो हव्यास|

जागावे सत्यास | नीती धर्म ||३

 

फसवाफसवी | बनवाबनवी |

नको अरेरावी | वादावादी ||४

 

गरजेपुरता | पैसा मिळवावा |

समाधान ठेवा | आयुष्यात ||५

 

जीवन तारतो |सत्य व्यवहार |

आनंद बहार |समाधानी || ६

 

आजार शिक्षण |पैसा हवा हाती|

मान्य ती महती | बचतीची ||७

 

असता अमाप | जनाच्या हितास

उपयोग खास | द्यावा निधी ||८

 

योग्य विनियोग | पैशाचा वापर |

ठेऊनी आदर| अरू म्हणे|| ९

 

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अरुणा दुद्दलवार@✍️

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